बागेश्वर। बागेश्वर के रोडवेज डिपो की व्यवस्था एक साल बाद भी ढर्रे पर नहीं आ पा रही है। पुरानी बसों के संचालित हो रहे डिपो की बस अक्सर गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रही है।
रविवार को बागेश्वर से बरेली जा रही डिपो की बस जिला मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर पौड़ीबैंड पर खड़ी हो गई। डिपो के पास दूसरी बस नहीं होने के कारण यात्रियों को केमू की बस से हल्द्वानी रवाना होना पड़ा। बस में 15 यात्री सवार थे। डिपो समय-सीमा पूरी करने की कगार पर पहुंच रही 14 बसों के सहारे चल रहा है। डिपो में एक भी बस नई नहीं है। जिले से लंबी दूरी की नौ बस सेवाओं का संचालन किया जाता है। अक्सर डिपो की बसों के खराब होने से परिवहन निगम की व्यवस्था और स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बागेश्वर रोडवेज स्टेशन के इंचार्ज केबी उपाध्याय का कहना है कि पौड़ीधार के पास खराब बस की एयर लॉक हो गई थी। बस में सवार यात्री अन्य वाहन से गए। बस की खराबी दूर कराई जा रही है।
14 में से चार बस खराब
बागेश्वर। इस समय डिपो की 14 बसों में से चार बस कई स्थानों पर खराब पड़ी हैं। डिपो से मिली जानकारी के अनुसार खराब बसों में से दो बस बागेश्वर रोडवेज स्टेशन में और एक बस नैनीताल के छड़ा में खड़ी है। चौथी बस रविवार को पौड़ीधार में खड़ी हो गई। सप्ताहभर पहले बागेश्वर डिपो की सात बस खराब थीं। एक बस तो दिल्ली के आनंद विहार बस स्टेशन में खड़ी थी। इनमें से चार बस चलने लायक बनाई गईं तो एक बस फिर खराब हो गई। उत्तराखंड परिवहन निगम को निगम की फजीहत करा रहे बागेश्वर डिपो की हालत सुधारने के लिए पुख्ता कदम उठाने होंगे। संवाद