जिलाधिकारी सविन बंसल ने लेप्रोसी मिशन की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मलून कार्यक्रम के प्रति लोगों को जागरूक करना होगा। कुष्ठ असाध्य रोग नहीं है। इसका इलाज जन-जागरूकता के माध्यम से संभव है। कहा कि अस्पताल और प्रबंधन समिति को स्वावलंबी बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग के माध्यम से प्रस्ताव शासन को भेजने की कार्यवाही प्रगति पर है। उन्होंने स्वयं सेवी संस्थाओं और आम लोगों से साधनहीन रोगियों की सेवा के लिए आगे आने की अपील की। इस अवसर पर कुष्ठ रोगियों को ऊनी वस्त्र टोपी, मफलर, मोजे वितरित किए गए। डॉ. योगेश पुरोहित और सविता ह्यांकी ने कुष्ठ रोग और तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। बैठक में डॉ. जेसी दुर्गापाल, सीएमओ डॉ. आरसी पंत, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एके सिंह आदि ने विचार रखे। एएनएम प्रशिक्षणार्थियों ने गीत प्रस्तुत किया। वहां सीडीओ जेएस नगन्याल, डीडीओ मो. असलम, सीईओ एके सिंह, लोनिवि एसई हरीश पांगती, आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी, सूचना विज्ञान अधिकारी राजेश तिवारी, डीएसओ टीएन उपाध्याय आदि थे। संचालन मनीष तिवारी ने किया।