अल्मोड़ा। अखिल भारतीय शिक्षक संघ की पुरानी पेंशन बहाली रथ यात्रा अल्मोड़ा पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में अल्मोड़ा के साथ ही पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत सहित अन्य जनपदों के शिक्षक शामिल रहे। उन्होंने कहा कि विधायक, सांसदों की पेंशन में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन कर्मचारियों को पेंशन देने से हाथ पीछे खींचे जा रहे हैं। कहा कि पेंशन हमारा हक है, इसे हम लेकर रहेंगे।
रविवार को पेंशन बहाली रथ यात्रा रानीखेत से अल्मोड़ा पहुंची। रैली में शामिल सभी जनपदों के शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ रैमजे इंटर कॉलेज में सभा की। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष किशोर जोशी ने सरकार को कोसते हुए कहा कि एक दिन के लिए सांसद या विधायक चुने जाने पर उन्हें आजीवन पेंशन मिलती है, लेकिन अपने जीवन के कई साल जनता की सेवा में लगाने वाले कार्मिकों को पेंशन देने से हाथ पीछे खींचे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश का संविधान कर्मचारियों को पेंशन पाने का अधिकार देता है। पेंशन उनके भविष्य की गारंटी है लेकिन सरकार ने संविधान को ताक पर रखकर पेंशन बंद कर दी जो कि उनकी वृद्धावस्था का सहारा है।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि सरकार को पेंशन देने के मामले में चुप है, लेकिन जनप्रतिनिधि भी इस मामले में पैरवी करने से बच रहे हैं। सभी ने कहा कि अब यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है और सरकार को पेंशन देनी ही होगी।
इस मौके पर मंत्री जगदीश भंडारी, मनोज बिष्ट, प्रकाश जोशी, बलवंत अधिकारी, मोहन पांडे, हरीश फुलेरिया, गिरजा भूषण जोशी, भुवन सिराड़ी, अनिल कांडपाल, राजेंद्र प्रसाद, निरंजन कुमार, रमेश वर्मा, दयाल सिंह, रश्मि, राधा आदि मौजूद रहे।
बारिश के बाद भी डटे रहे शिक्षक
अल्मोड़ा। जिले में सुबह से ही बारिश जारी रही। इसके बाद भी शिक्षकों का हौसला कम नहीं हुआ। उन्होंने बारिश के बीच नगर में पटाल बाजार में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बारिश, गर्मी के थपेड़े भी अब उन्हें इस संघर्ष से पीछे नहीं हटा सकते। पेंशन बहाली तक हर कर्मचारी संघर्ष करेगा।
शिक्षिकाओं ने भी बड़ी संख्या में निभाई भागीदारी
अल्मोड़ा। पेंशन बहाली की मांग पर चल रहे आंदोलन में शिक्षिकाओं ने भी बड़ी संख्या में भागीदारी निभाई। अल्मोड़ा के साथ अन्य जनपदों से शिक्षिकाएं रथ यात्रा में पहुंची। उन्होंने कहा कि हमें अपना और अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए सरकार को पेंशन देनी ही होगी।