अल्मोड़ा/बागेश्वर/द्वाराहाट। वन रैंक वन पेंशन की विसंगतियों को दूर करने की मांग करते हुए पूर्व सैनिकों ने सोमवार को अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में प्रदर्शन कर जुलूस निकाला। बागेश्वर में निकाली गई रैली में वीर नारियों ने भी भागीदारी की। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सेना के सिपाही से लेकर हवलदार रैंक तक पेंशन में मामूली बढ़ोतरी की गई है जबकि नायब सूबेदार से लेकर ऑनरेरी कैप्टन की पेंशन में कोई वृद्धि नहीं हुई है। ऐसे में ओआरओपी में संशोधन की जरूरत है जिस पर विचार नहीं किया जा रहा है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि यदि जल्द ही ओआरओपी की विसंगति को दूर नहीं किया गया तो लोकसभा चुनाव में वे मतदान नहीं करेंगे।
अल्मोड़ा में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष सूूबेदार (सेवानिवृत्त) आनंद बोरा के नेतृत्व में जिले के पूर्व सैनिक नगर के चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ओआरओपी-दो के लिए सरकार ने 23 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए लेकिन 97 प्रतिशत पूर्व सैनिकों को इससे कुछ भी हासिल नहीं हुआ। सेना से निर्धारित सेवा पूरी करने वाले जेसीओ को प्रीमैच्योर बताकर उन्हें लाभ से वंचित किया गया है जो उनके हितों की अनदेखी है।
वक्ताओं ने कहा कि यूरोपीय देशों में मिलिट्री सर्विस पे एक समान है। वहीं भारत में इसमें खासा अंतर है जो सही नहीं है। जेसीओ और जवान के शहीद होने पर उसके परिवार को बराबर का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिसेबिलिटी पेंशन को बराबर किया जाना चाहिए। वीरांगनाओं की पेंशन बढ़ाने के लिए आज तक बनाई गईं सभी कमेटियों में किसी भी जेसीओ और जवान को शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में विधवा पेंशन में भारी असमानता है। इन सभी विसंगतियों को दूर करने की पूर्व सैनिक लंबे समय से मांग कर रहे हैं। बावजूद इसके इस पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है।
इसके बाद पूर्व सैनिकों ने नगर में जुलूस निकालते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्यवाही नहीं हुई तो वे लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हयात सिंह गैड़ा, उपाध्यक्ष हरीश सिंह बिष्ट, महामंत्री त्रिलोक सिंह, मंत्री शेर सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष विनोद गिरी, मीडिया प्रभारी प्रकाश बोरा, नगर अध्यक्ष केशव दत्त पांडे सहित कई पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
इधर बागेश्वर में सोमवार की सुबह पूर्व सैनिक लीग के बैनर तले पूर्व सैनिक नुमाइशखेत मैदान में एकत्र हुए। यहां से लीग के जिलाध्यक्ष दरवान सिंह हरड़िया के नेतृत्व में पूर्व सैनिक रैली की शक्ल में करीब दो किमी की दूरी तय कर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। पूर्व सैनिकों ने कलक्ट्रेट परिसर में सभा करने के साथ ही धरना दिया। धरने के दौरान ओआरओपी की विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
इसके बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम अनुराधा पाल को सौंपा। इसमें उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर ओआरओपी की विसंगतियों को दूर करने की मांग की गई। सभा और प्रदर्शन में कैप्टन बलवंत सिंह खेतवाल, सूबेदार बलवंत सिंह चौहान, सूबेदार गोविंद सिंह नगरकोटी, नायब सूबेदार सुरेंद्र सिंह चौहान, हवलदार धन सिंह भौर्याल, नायक गोविंद सिंह खेतवाल आदि ने विचार रखे।
इधर द्वाराहाट और बग्वालीपोखर लीग संगठन के भूतपूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं ने रैली निकाली। मुख्य चौराहे पर सभा हुई जिसमें पूर्व सैनिकों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई। कहा कि वन रैंक वन पेंशन भाग दो की सारणी में खासी विसंगतियां हैं। कहा कि जवानों की वीरांगनाओं को नौ से 11 हजार रुपये पेंशन दी जा रही है जबकि अधिकारियों की वीरांगनाओं को 72 हजार रुपये पेंशन मिल रही है। पूर्व सैनिकों की रैली बाजार से विभिन्न स्लोगन युक्त पट्टिकाओं के साथ तहसील पहुंची। यहां एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। रैली में द्वाराहाट पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष विनोद जोशी, मोहन चंद्र जोशी, सरला देवी, शारदा देवी, पुष्पा देवी, रेवती देवी, बग्वालीपोखर लीग संगठन अध्यक्ष पूर्व सूबेदार ललित मोहन सिंह नेगी के नेतृत्व में कुंवर सिंह नेगी, भूपाल सिंह भरडा़, मोहन सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।