अल्मोड़ा। चुनावी सीजन में जिले के लोगों को रोडवेज के साथ ही केमू बसों की कमी से जूझना पड़ सकता है। चुनाव के लिए केमू प्रबंधन से 90 बसों की मांग की गई है लेकिन जिले में सिर्फ 43 बसों का ही संचालन हो रहा है। अगर सभी केमू बसों को चुनाव ड्यूटी में भेजा गया तो इसकी सीधी मार यात्रियों को सहनी होगी।
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परिवहन विभाग को लोकसभा चुनाव के लिए वाहनों की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग ने केमू प्रबंधन को 90 बसों की मांग भेजी हे। अल्मोड़ा जिले में वर्तमान में विभिन्न रूट खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में 43 केमू बसों का ही संचालन हो रहा है, इससे बढ़ी आबादी को राहत मिल रही है। 3000 से अधिक यात्री हर रोज इन बसों में सुगम सफर कर रहे हैं। मांग के अनुसार साफ है कि सभी बसों को चुनाव ड्यूटी में भेजा जाएगा। यदि सभी बस चुनाव ड्यूटी में गईं तो सड़कों से यह गायब रहेंगी। ऐसे में यात्रियों को दूरस्थ क्षेत्रों तक सफर करने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
रोडवेज भी हो जाएंगी गायब अल्मोड़ा।
परिवहन विभाग ने चुनाव ड्यूटी के लिए परिवहन निगम से 88 बसों की मांग की है जबकि जिले में सिर्फ 53 बसों का संचालन हो रहा है। ऐसे में रोडवेज और केमू बसों के एक साथ चुनाव ड्यूटी में भेजे जाने से यात्रियों की दिक्कत बढ़ेगी।
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इन प्रमुख रूट पर होता है केमू बसों का संचालन
बागेश्वर, पिथौरागढ़, शहरफाटक, हल्द्वानी, ताकुला, रानीखेत।
Iचुनाव के लिए केमू की अधिकतर बसों का अधिग्रहण किया जा रहा है। ऐसे में चुनाव के दौरान बसों की भारी कमी रहेगी। खास कर पहाड़ी मार्गों पर संचालन ठप होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। -हिम्मत सिंह नयाल, अधिशासी निदेशक, केमू, अल्मोड़ा। I