स्मारकों और मूर्तियों का भंडार है अल्मोड़ा
कभी कत्यूरी और चंद राजाओं के शासन का केंद्र रही सांस्कृतिक नगरी ऐतिहासिक स्मारकों और मूर्तियों का भंडार है। इसके अलावा, जागेश्वर धाम, कटारमल सहित द्वाराहाट आदि स्थानों पर प्राचीन मंदिर सदियों से आस्था का केंद्र रहे हैं। इन मंदिरों में आज भी सैकड़ों की संख्या में देवी-देवताओं की नक्काशीदार अद्भुत दुर्लभ मूर्तियां लोगों को आकर्षित करतीं हैं।
अल्मोड़ा के प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. चंद्र सिंह चौहान का कहना है कि चौखुटिया में दुर्लभ एकमुखी शिवलिंग मिला है जो करीब एक हजार साल पुराना है। इसे जिला संग्रहालय में स्थापित किया जाएगा।
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शिवलिंग के दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़
अल्मोड़ा। हाटझलां गांव में दुर्लभ शिवलिंग मिलने की जानकारी मिलने के बाद यहां इसके दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। पूर्व में ग्रामीणों ने इसे पुरातत्व विभाग के संरक्षण में दिए जाने से इन्कार किया लेकिन विभाग की तरफ से खंडित शिवलिंग को न पूजे जाने का हवाला देने के बाद ग्रामीण इस पर सहमत हुए हैं।