अल्मोड़ा। जिले में इगास यानी बूढ़ी दिवाली पर्व धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने शाम को घरों में दीपक जलाए। ये पर्व दिवाली के 11वें दिन बाद मनाया जाता है। इगास के लिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह दिखाई दिया। इगास पर्व पर बृहस्पतिवार शाम को लोगों ने घरों में दीप जलाए और बच्चों ने जमकर आतिशबाजी की। परंपरा के अनुसार घरों में कोठार (अनाज रखने के लिए लकड़ी का बर्तन) में नया अनाज भी भरा गया। इस पर्व की मान्यता है कि भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटने की दूरस्थ क्षेत्रों में 11 दिन बाद इसकी सूचना मिली। तब से इस दिन बूढ़ी दीवाली मनाई जाती है। गढ़वाल में इसे इगास के नाम से जाना जाता है।