गरुड़ (बागेश्वर)। मनरेगा के कुशल और सामग्री अंश के लंबित भुगतान के लिए शासन से जिले को 3.8 लाख रुपये जिले को अवमुक्त हो गए हैं। बावजूद जिले के कुशल श्रमिकों और सामग्री अंश की छह लाख रुपये की देनदारी और है। मनरेगा के कुशल श्रमिकों और पंजीकृत फर्मों को अप्रैल से भुगतान नहीं मिला था। ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य, मनरेगा के कार्य कर रहे कुशल श्रमिक भुगतान के संबंध में कई बार शासन को लिखित और मौखिक बता चुके थे। जिला विकास अधिकारी कैलाश नाथ तिवारी ने बताया कि कुशल श्रमिकों और पंजीकृत फर्मों को सामग्री अंश के भुगतान के लिए शासन से 3.8 लाख रुपये जिले को मिले थे। ग्राम्य विकास विभाग ने प्राप्त राशि तीनों ब्लॉकों को अवमुक्त कर दी है। डीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारियों और मनरेगा जेई से पूर्व हो चुके निर्माण कार्यों का अति शीघ्र मूल्यांकन कर कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र कार्यक्रम अधिकारी को देने को कहा है। ग्राम प्रधान संगठन के जिला संरक्षक प्रकाश कोहली ने मनरेगा का अवशेष भुगतान शीघ्र करने की मांग की है।