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Almora News: तीन जिलों के मरीजों की अल्मोड़ा में ही हो जाएगी एमआरआई जांच

Wed, 26 Jul 2023 12:22 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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बेस अस्पताल में स्थापित एमआरआई मशीन। संवाद 
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अल्मोड़ा। प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में एमआरआई मशीन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यहां एमआरआई मशीन स्थापित होने से अल्मोड़ा के साथ ही पिथौरागढ़, बागेश्वर के मरीजों को लाभ मिलेगा।
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मंत्री ने कहा कि अब तक तीनों जिले के मरीजों को एमआरआई जांच के लिए हल्द्वानी या अन्य शहरों की दौड़ लगानी पड़ रही थी। अब उन्हें इससे राहत मिलेगी और धन की बचत होगी। आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को मुफ्त एमआरआई की सुविधा मिलेगी।

प्रभारी मंत्री कहा कि सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का लगातार प्रयास कर रही है, जिसमें सफलता मिली है।

अल्मोड़ा में एमआरआई मशीन के लिए उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया। इस मौके पर डॉ. धन स्थानीय विधायक मनोज तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, प्राचार्य डॉ. सीपी भैंसोड़ा आदि मौजूद रहे।
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जुगाड़ की व्यवस्था...जांच ऑफलाइन, रिपोर्ट ऑनलाइन

अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में करोड़ों की एमआरआई मशीन का लोकार्पण हो गया है। सवाल यह है कि जांच कौन करेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बेस अस्पताल में तीन के सापेक्ष एक भी रेडियोलॉजिस्ट तैनात नहीं है। स्वास्थ्य विभाग से उधारी में एक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कर अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन रिपोर्ट की ऑनलाइन जांच की बात कह रहा है।

बेस अस्पताल में पहले से ही स्वास्थ्य विभाग से उधार लेकर एक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कर अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं। ऐसे में एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट के लिए अल्ट्रासाउंड करने के साथ ही एमआरआई रिपोर्ट जांचना कठिन होगा। यहां हर रोज औसतन 55 से अधिक मरीज अल्ट्रासाउंड जांच के लिए पहुंचते हैं। चार से पांच मरीजों को एमआरआई जांच की जरूरत होती है।



पर्याप्त फैकल्टी नहीं, कैसे मिलेगा बेहतर उपचार

अल्मोड़ा। संचालन के दो साल बाद भी मेडिकल कॉलेज में महज 40 प्रतिशत फैकल्टी की ही तैनाती हो सकी है। कॉलेज में संचालित विभागों में 90 फैकल्टी की जरूरत है। बावजूद इसके अब तक प्रबंधन को 60 फैकल्टी ही मिल सकी है। महिला रोग विभाग में चार, रक्तकोष विभाग में पांच फैकल्टी के साथ अन्य विभागों में कई महत्वपूर्ण फैकल्टी की कमी है। ऐसे में दावों के बीच यहां मरीजों को बेहतर कैसे मिलेगा यह कोई नहीं जानता। वहीं लाखों रुपये वेतन देने के बाद भी सरकार को फैकल्टी नहीं मिल पा रही है, जिससे उसकी भी दिक्कत बढ़ गई है।



2500 रुपये में होगी एमआरआई

अल्मोड़ा। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक मरीजों को यहां एमआरआई कराने के लिए 2500 रुपये खर्च करने होंगे। प्राचार्य डॉ. सीपी भैंसोड़ा ने बताया कि हल्द्वानी के बराबर ही लोगों को एमआरआई के लिए कीमत चुकानी होगी।





मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त रेडियोलॉजिस्ट नहीं है और यहां फैकल्टी की भी कमी है। प्रभारी और स्वास्थ्य मंत्री से इसकी मांग की गई है। सरकार को मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त फैकल्टी और सुविधाओं की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि यह रेफर सेंटर बनकर न रह जाए। - मनोज तिवारी, विधायक, अल्मोड़ा।







मेडिकल कॉलेज में एमआरआई सुविधा शुरू होने से अल्मोड़ा के साथ ही पिथौरागढ़, बागेश्वर के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। रेडियोलॉजी विभाग में फैकल्टी नहीं है। ऐसे में एमआरआई रिपोर्ट की ऑनलाइन जांच की व्यवस्था की गई है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का गंभीरता से प्रयास हो रहा है। - डॉ. सीपी भैंसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा।
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