सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। जीआईसी सलोज में विज्ञान वर्ग को मंजूरी नहीं मिलने से विद्यार्थियों का वैज्ञानिक बनने के अरमान पूरे नहीं हो रहे हैं। 10वीं के बाद विज्ञान पढ़न के इच्छुक विद्यार्थियों को विज्ञान की पढ़ाई के लिए 10 किमी दूर दूसरे विद्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
एक तरफ विज्ञान की पढ़ाई को बढ़ावा देने की बात कही जा रही है। दूसरी तरफ जीआईसी सलोज में विज्ञान वर्ग को मान्यता नहीं मिल पाई है। विज्ञान की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को 10 किमी दूर दूसरे विद्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जंगली जानवरों के खतरे के बीच विद्यार्थी किसी तरह जान जोखिम में डालकर विद्यालय पहुंच रहे हैं। जो विद्यार्थी दूसरे विद्यालयों में जाने में सक्षम नहीं हैं वे कला विषय में प्रवेश को मजबूर हैं। विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला भी नहीं है तो प्रधानाध्यापक, समाजशास्त्र विषय प्रवक्ता का पद रिक्त है।
जर्जर भवन में पढ़ रहे 370 विद्यार्थी
सोमेश्वर। विद्यालय भवन भी जर्जर हालत में है। ऐसे में विद्यालय में 370 विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर पढ़ने के लिए मजबूर हैं। अभिभावकों को भी बच्चों की चिंता सता रही है।
11वीं में नहीं मिल रहे संस्कृत, गृह विज्ञान विषय
सोमेश्वर। विद्यालय में सीबीएसई पैटर्न लागू किया है। इससे 10 वीं के बाद छात्राओं को 11वीं में संस्कृत और गृह विज्ञान विषय नहीं मिल पा रहे हैं। इससे उन्हें परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।