अल्मोड़ा। करोड़ों की लागत से बना मेडिकल कॉलेज लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। हालात ये हैं कि यहां मरीजों को रक्त जांच की सुविधा नहीं मिल रही। बागेश्वर से देर रात इलाज के लिए पहुंचे एक मरीज को रक्त जांच की सुविधा नहीं मिलने पर परिजनों को उसे हायर सेंटर ले जाना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज संचालन के बाद अल्मोड़ा के साथ पिथौरागढ़, बागेश्वर जिले के मरीजों को बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद थी। यह संस्थान लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। बीते शनिवार की देर रात बागेश्वर के राजेंद्र सिंह (63) को परिजन मेडिकल कॉलेज लाए। मरीज के साथ पहुंचे तीमारदार ने बताया कि उन्हें यहां रक्त जांच की सुविधा नहीं मिली। आरोप लगाया कि इमरजेंसी में तैनात डाॅक्टर ने जांच के लिए कार्टेज नहीं होने की बात कर इनकार कर दिया। मरीज को अस्पताल के भीतर पहुंचाने के लिए रखा गया स्ट्रेचर भी क्षतिग्रस्त था।
रक्त जांच की सुविधा नहीं मिलने से परिजन मरीज को हायर सेंटर ले जाने के लिए मजबूर हुए। कांग्रेस के पूर्व दर्जा राज्यमंत्री बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि बेस अस्पताल में रात के समय इमरजेंसी में सीनियर डॉक्टर का नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाओं का अभाव मरीजों पर भारी पड़ सकता है। उन्होंने जल्द व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मेडिकल कॉलेज में रुटीन चेकअप के लिए रात आठ बजे का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद एबीजी मशीन से रक्त जांच होती है जो वहां उपलब्ध है। चिकित्सक सभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए गंभीरता से काम कर रहे हैं। अतिरिक्त स्ट्रेचर की भी व्यवस्था कर दी गई है। प्रो. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा।