अल्मोड़ा। न्यायालय ने भारतीय सेना का फर्जी मांग पत्र तैयार कर सेना में टेंडर दिलाने के नाम पर बयालीस लाख रुपये हड़पने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज की है। आरोपी ने खुद को जेम पोर्टल का पंजीकृत सदस्य बताकर पीड़ित से सेना में टेंडर दिलाने के नाम पर पैसे लिए और वह उसे विश्वास में लेने के लिए भारतीय सेना का फर्जी मांगपत्र व्हाट्स एप पर भेजता रहा।
जिला शासकीय अधिवक्ता पूरन सिंह कैड़ा ने बताया कि आरोपी प्रकाश चंद्र रिखाड़ी निवासी कानिया, गंगोत्री विहार रामनगर, नैनीताल हाल निवासी रंपुरा काजी, केलाखेड़ा, यूएसनगर ने खुद को सेना का पंजीकृत ठेकेदार बताते हुए देघाट क्षेत्र के एक व्यक्ति को अपने झांसे में लिया। वह खुद को जेम पोर्टल का पंजीकृत सदस्य बताते हुए उक्त व्यक्ति का पंजीकरण कर सेना में टेंडर दिलाने के नाम पर पैसे मांगता रहा।
आरोप है कि पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए आरोपी ने कई बार सेना के फर्जी मांग पत्र तैयार कर व्हाट्स एप से भेजे। आरोपी की बातों में आकर उसने बयालीस लाख रुपये दे दिए। लंबे समय बाद भी उसे टेंडर नहीं मिला तो उसने इसकी शिकायत देघाट थाने में की। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तब आरोपी ने न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई। विशेष सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर शुक्ला ने पत्रावली का परिशीलन कर और गवाहों को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज की है।