अल्मोड़ा जिले में लावारिस कुत्ते और बंदरों का आतंक बढ़ गया है। नौ माह में जिला अस्पताल में कुत्ते, बंदर और बिल्ली के काटने के कुल 1339 मामले आ चुके हैं। जानवरों के खौफ से बच्चों का अकेले स्कूल जाना मुश्किल हो गया है।
नगर के धारानौला, खोल्टा, खत्याड़ी, राजपुरा, कर्नाटक खोला, पांडेखोला, ढूंगाधारा, पूर्वी और पश्चिमी पोखरखाली समेत हर गली में लावारिस कुत्ते और बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। वहीं, बंदरों के आतंक के चलते जिले में खेती से किसानों का मोहभंग भी लगातार हो रहा है। जनवरी 2023 से अब तक 1339 लोगों को बंदर, लावारिस कुत्ते, बिल्ली हमला कर घायल कर चुके हैं।
माह मामले
जनवरी 100
फरवरी 113
मार्च 132
अप्रैल 144
मई 168
जून 102
जुलाई 107
अगस्त 103
सितंबर 101
अक्तूबर 108
नवंबर 111
दिसंबर 50
अस्पताल में रैबीज के इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में हैं। लोग अपने पालतू कुत्तों को इंजेक्शन जरूर लगाएं और उन्हें खुला न छोड़े।
-डॉ. अरविंद पांगती, प्रभारी पीएमएस जिला अस्पताल अल्मोड़ा।
खेती से लेकर सड़क तक मुसीबत बने जानवर
बागेश्वर नगर में लावारिस जानवरों ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। लावारिस गोवंशीय पशु लोगों की खेती तो चौपट कर ही रहे हैं, वाहन संचालन में भी दिक्कत खड़ी कर रहे हैं।
नगर में हर समय 15-20 लावारिस गोवंशीय पशु विचरण करते रहते हैं। लावारिस जानवर नगर के आसपास इलाके में लोगों की खेती को नुकसान पहुंचा रहे हैं। नगर के कठायतबाड़ा क्षेत्र को जिला अस्पताल से जोड़ने के लिए सरयू नदी पर बने मोटर पुल पर लावारिस जानवरों का हर समय जमावड़ा लगा रहता है। रविवार को भी लावारिस जानवर सरयू पुल पर अड्ढा जमाए थे। पुल से गुजरने वाले वाहनों के लिए दिक्कत खड़ी कर रहे थे। नगर के लोग लंबे समय से लावारिस जानवरों से निजात दिलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
कई बार लावारिस जानवर गोसदन भिजवा दिए हैं। एक बार फिर लावारिस जानवरों को गोसदन भिजवाया जाएगा। नगर में पालतू पशुओं को लावारिस छोड़ने वाले लोगों को चिह्नित कर दंडित किया जाएगा।
- हयात सिंह परिहार, ईओ नगरपालिका बागेश्वर