पोस्टमार्टम के दौरान इस तरह से छावनी में तब्दील हुआ रानीखेत राजकीय अस्पताल। संवाद
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रानीखेत। प्रशासन ने पूरे अस्पताल को ही छावनी में तब्दील कर दिया था। भिकियासैंण, रानीखेत, द्वाराहाट से भी अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुला लिया गया। एडीएम चंद्र सिंह मर्तोलिया ने संयुक्त मजिस्ट्रेट जय किशन से घटना के बारे में जानकारी हासिल की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहां सीओ तिलक वर्मा, कोतवाल नासिर हुसैन भी मौजूद रहे।
जगदीश को बेरहमी से मारा गया
रानीखेत (अल्मोड़ा)। जगदीश चंद्र की बेरहमी से पिटाई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों के 28 निशान हैं। पोस्टमार्टम करने वाले राजकीय अस्पताल के डॉ. संदीप दीक्षित और डॉ. दीप पार्की ने बताया कि जगदीश के सिर में बायीं ओर गहरी चोट थी। जबड़ा टूटा था। नाक की हड्डी भी टूटी थी। बायें हाथ की कलाई की हड्डी और ऐड़ी भी टूटी पाई गई। जांघों के आगे-पीछे दोनों ओर चोट के निशान थे। गंभीर चोटों की वजह से जान जाने की संभावना है।
भाई बोले, जगदीश को मिले न्याय
रानीखेत। पोस्टमार्टम कराने रानीखेत पहुंचे मृतक जगदीश चंद्र के चचेरे भाई पृथ्वी पाल और भतीजे प्रदीप ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात उन्हें फोन आया कि उनके भाई जगदीश की तबीयत खराब है और वह भिकियासैंण आ जाएं। उन्हें घटना के बारे में कुछ भी मालूम नहीं था। भाई का कहना था कि जगदीश के साथ बहुत बुरा हुआ। समाज में इस तरह का वैमनस्य भविष्य में न फैले इसके लिए सरकार को सार्थक कदम उठाने चाहिए और जगदीश को न्याय मिलना चाहिए।