डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी
- फोटो : BAGESHWAR
अल्मोड़ा/बागेश्वर। दिवाली पर सोमवार को घर-घर महालक्ष्मी बिराजेंगी। इसकी तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। महालक्ष्मी की पूजा का विशेष मुहूर्त शाम 5:30 से 8:45 बजे तक रहेगा।
कुमाऊं के प्रसिद्ध ज्योतिष पंडित डॉ. नवीन चंद्र जोशी और आचार्य डॉ. रमेश चंद्र कांडपाल ने बताया कि 24 अक्तूबर को शाम 5:30 से अमावस्या तिथि शुरू होगी। महालक्ष्मी पूजन शाम गोधूलि लग्न, प्रदोषकाल से शुरू होगा जो शाम 5:30 से रात 8:45 बजे तक रहेगा। इसके बाद महानिषाकाल मुहूर्त रहेगा, इसमें तंत्र पूजा की जाती है। डॉ. जोशी ने बताया कि महालक्ष्मी पूजन का विशेष मुहूर्त वृषभ लग्न शाम 6:40 से 8:50 बजे तक रहेगा। इस लग्न में पूजा करने से लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी। रात 1:20 से 3:50 बजे तक सिंह लग्न रहेगा। इस लग्न में भी पूजा की जा सकती है।
दीपावली बुराई रूपी अंधकार से अच्छाई रूपी उजाले की ओर चलने को प्रेरित करती है। हमें इनका अनुसरण करने अपने जीवन के उद्देश्य को सार्थक करना चाहिए।
डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी, आचार्य बागेश्वर
मंगलवार की शाम 4:18 बजे से लगेगा ग्रहण
अल्मोड़ा। डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी ने बताया कि इस बार 27 वर्षों के बाद दिवाली के दौरान ग्रहण की छाया पड़ रही है। 25 अक्तूबर को भारतीय समय के अनुसार शाम 4:18 बजे से ग्रहण शुरू होगा जो 6.22 बजे तक रहेगा। सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटा पहले माना जाता है। सूर्योदय से पहले मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। सूतक निवृत्ति के बाद कपाट भी खुल जाएंगे। 26 अक्तूबर को अन्नकूट और 27 अक्तूबर को भैया दूज मनाया जाएगा।