अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के दावे धरातल पर नहीं उतर रहे हैं जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। यहां करोड़ों रुपये की लागत से खरीदी गई एमआरआई मशीन का संचालन शुरू नहीं हो सका है। परेशान मरीजों को जांच के लिए हल्द्वानी या बरेली की दौड़ लगानी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज में तीन माह पूर्व एमआरआई मशीन खरीदी गई थी। तब लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिलेगी और हायर सेंटर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। मशीन स्थापित तो कर दी गई है लेकिन इसके संचालन के लिए जरूरी हीलियम गैस कॉलेज प्रबंधन को नहीं मिल सकी है। इसके बगैर एमआरआई मशीन फिलहाल शोपीस बनी हुई है। ऐसे में एमआरआई जांच की जरूरत वाले अल्मोड़ा जिले के साथ ही पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत के मरीजों को हायर सेंटर रेफर करना कॉलेज प्रबंधन की मजबूरी बन गया है।
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अगले माह तक करना होगा इंतजार
अल्मोड़ा। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक वर्ल्ड बैंक के सहयोग से एमआरआई मशीन स्थापित की गई है। इसके संचालन के लिए जरूरी हीलियम गैस भी वर्ल्ड बैंक उपलब्ध करा रहा है जिसका इंतजार है। अगले माह तक हीलियम मिलने की उम्मीद है। ऐसे में मरीजों को एमआरआई जांच की सुविधा के लिए इंतजार करना होगा।
कोट- एमआरआई मशीन स्थापित की जा चुकी है। जल्द इसके संचालन के लिए हीलियम गैस मिलेगी। अगले माह तक इसका संचालन शुरू होगा। - डॉ. सीपी भैंसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा।