कोसी पंपिंग पेयजल योजना बेतालघाट से नहीं हो रही आपूर्ति
5000 से अधिक की आबादी को जल स्रोतों की दौड़ लगाना मजबूरी
भतरौंजखान(अल्मोड़ा)। मुख्य बाजार सहित आसपास के 12 से अधिक गांवों में बीते एक माह से जलापूर्ति ठप है। ऐसे में क्षेत्र की 5000 से अधिक की आबादी पानी के लिए तरस गई है। किसी तरह लोग प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं। जलापूर्ति सुचारू न होने से लोगों में जल निगम के खिलाफ खासा आक्रोश है।
भतरौंजखान मुख्य बाजार सहित च्यूनी, नौघर, दंपौ, खीला, चमकोट, रानीबाग, रीची, थापल, रीठा, आगरकोट सहित 12 से अधिक गांवों में बीते एक माह से जलापूर्ति ठप है। कोसी पंपिंग पेयजल योजना बेतालघाट से जलापूर्ति न होने से क्षेत्र की बढ़ी आबादी को पीने का पानी भी नसीब नहीं हो रहा है। नल सूखे हैं और लोग किसी तरह अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं।
एक सप्ताह में जलापूर्ति सुचारू करने का था दावा
भतरौंजखान। लंबे समय से जल संकट से जूझ रहे लोगों के आक्रोश को देखते हुए एसडीएम कोश्यां कुटोली विपिन पंत की अध्यक्षता में हीरानंद धर्मशाला में बैठक हुई। तब एक सप्ताह के भीतर जलापूर्ति सुचारू करने के दावे किए गए थे जो अब तक पूरे नहीं हो सके हैं।
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बोले लोग
लंबे समय से हम जल संकट से जूझ रहे हैं। प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ रही है। कई बार जलापूर्ति सुचारू करने की मांग के बाद भी हमारी परेशानी को अनदेखा किया जा रहा है।
गणेश तिवारी, प्रधान, बिनकोट।
हर घर नल से जल पहुंचाने के सभी दावे फेल हैं। नल सूखे हैं और एक माह से हम प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगा रहे हैं। न जाने कब जल संकट से मुक्ति मिलेगी।
भुवन चंद्र टम्टा, भतरौंजखान।
कोट- ट्रांसफार्मर में खराबी के चलते योजना के पंप काम नहीं कर रहे थे। ट्रांसफार्मर को ठीक किया जा रहा है। जल्द ही जलापूर्ति सुचारू होगी।
देवेंद्र आर्य, कनिष्ठ अभियंता, जल निगम, रामनगर।