अल्मोड़ा। पहाड़ की शांत वादियों में भी आपराधिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। खासकर हत्या की घटनाओं में खासा इजाफा हो रहा है जो चिंता का विषय बन रहा है। अल्मोड़ा जिले में तीन साल में हत्या की 11 घटनाएं दर्ज हुईं हैं। ऐसे में कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
आम तौर पर पर्वतीय क्षेत्रों को आपराधिक दृष्टि से शांत समझा जाता है लेकिन अब हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। अल्मोड़ा जिले में बीते तीन साल में 11 लोगों की हत्या हुई है। पुलिस से मिले आंकड़ों के अनुसार नगर क्षेत्र में हत्या की सबसे अधिक घटनाएं हुईं हैं। नगर में तीन साल में चार लोगों की हत्या हुई है। हत्या के मामले में जिले का लमगड़ा विकासखंड दूसरे नंबर पर है। पिछले तीन साल में वहां तीन लोगों की हत्या हुई। द्वाराहाट, चौखुटिया, सोमेश्वर, भतरौंजखान क्षेत्र में भी एक-एक व्यक्ति की हत्या हुई है। हालांकि पुलिस ने हत्या के इन सभी मामलों को सुलझाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है लेकिन ये आंकड़े लोगों को डरा रहे हैं। इससे चिंतित कई लोग कानून व्यवस्था पर सवाल भी उठा रहे हैं।
पिछले तीन साल में हत्या के 11 मामले सामने आए हैं जिन्हें तत्परता से सुलझाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। कानून व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। - विमल प्रसाद, सीओ, अल्मोड़ा।