अल्मोड़ा। पशुपालन विभाग की एंबुलेंस सेवा शुरू होने पर पशुपालकों को घर पर ही बीमार पशुओं को उपचार मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन इस सेवा का पशुपालकों को खास लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह सेवा सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक ही संचालित हो रही है। ऐसे में इस अवधि के बाद बीमार पशुओं के उपचार के लिए पशुपालकों को अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। गंभीर रूप से बीमार पशु के इलाज के लिए पशु चिकित्सक को किराये के वाहन से पशुपालक के घर पहुंचना पड़ रहा है जिससे संबंधित पशु को समय पर उपचार मिलना भी मुश्किल हो रहा है।
जिले में ताड़ीखेत, सल्ट, द्वाराहाट, लमगड़ा विकासखंड के पशुपालकों को राहत पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस की तर्ज पर पशुपालन विभाग ने 1962 नंबर की मोबाइल एंबुलेंस सेवा शुरू की ताकि पशुपालकों को घर बैठे ही उनके पशुओं के उपचार की सुविधा मिले सके लेकिन पशुपालकों को इस सेवा का लाभ सुबह नौ से शाम चार बजे तक ही मिल पा रहा है। इसके बाद एंबुलेंस का संचालन रोक दिया जा रहा है। ऐसे में इस समयावधि के बाद बीमार पशुओं के उपचार को पशुपालक अस्पताल के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। गंभीर पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सक टैक्सी से पशुपालक के घर पहुंच रहे हैं जिसमें समय अधिक लग रहा है। ऐसे में समय रहते उपचार कर बीमार पशु की जान बचाना चुनौती बनता जा रहा है।
देहरादून से होती है सेवा संचालित
अल्मोड़ा। डायल 1962 मोबाइल एंबुलेंस सेवा का संचालन देहरादून से होता है। इस टोल फ्री नंबर पर संबंधित पशुपालक की शिकायत देहरादून में दर्ज होती है। इसके बाद पशुपालकों को एंबुलेंस के पहुंचने का समय बताया जाता है। लंबी प्रक्रिया होने पर समय रहते पशु का उपचार न होने पर खतरा बढ़ जाता है।
पशु चिकित्सक, फार्मासिस्ट और पशुधन सहायक रहते हैं तैनात
अल्मोड़ा। मोबाइल एंबुलेंस में एक पशु चिकित्सक, फार्मासिस्ट, पशुधन सहायक की तैनाती की गई है। इनकों ब्लॉक के पशु के बीमार होने की सूचना पर वहां पहुंच कर पशु के उपचार की जिम्मेदारी दी गई है लेकिन यह सेवा केवल सात घंटे तक ही उपलब्ध है। ऐसे में रात के समय एंबुलेंस सेवा का साथ न मिलने से पशुपालक परेशान हैं।
मोबाइल एंबुलेंस सेवा जिले की अधीन नहीं है। रात के समय भी एंबुलेंस संचालित न होने से चिकित्सक को किराये के वाहन से आवाजाही कर पशुओं का उपचार करना पड़ रहा है जिसमें समय अधिक लग रहा है। - डॉ. डीके शर्मा, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अल्मोड़ा।