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कैंट एक्ट-2006 में क्या बदलाव होने चाहिएं, रक्षा मंत्रालय को 16 जून तक भेजें अपना सुझाव

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रानीखेत (अल्मोड़ा)। अखिल भारतीय छावनी परिषद उपाध्यक्ष एवं सदस्य एसोसिएशन के महामंत्री, रानीखेत कैंट के पूर्व उपाध्यक्ष मोहन नेगी ने बताया कि सरकार कैंट एक्ट 2006 में व्यापक संशोधन करने जा रही है। रक्षा मंत्रालय ने अब आम जनता और जन प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे हैं। यह सुझाव 16 जून तक ई मेल से भेजे जाने हैं। नेगी ने बताया कि कैंट एक्ट 1924 के कारण छावनी के नागरिक दोयम दर्जे का जीवन जी रहे थे। इस एक्ट में 2006 में सुधार हुआ, लेकिन इसका व्यापक लाभ जनता को नहीं मिला। एसोसिएशन एक्ट 2006 में भूमि संबंधी मामलों और ओल्ड ग्रैंड, कैंट कोड लीज, छावनी भूमि प्रबंधन अधिनियम 1937 में भी सुधार की मांग लंबे समय से कर रही है। सरकार इसके लिए भी प्रयासरत है। 2018 में तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन दिल्ली मे उपाध्यक्षों, कैंट क्षेत्र के सांसदों, सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुकी हैं। एक्ट में सुधार के लिए सुझाव 16 जून तक ई मेल से भेजे जाने हैं। उन्होंने बताया किसनशोधन के लिए जनता अपनी भूमि, भवन निर्माण, दाखिल खारिज, लीज रेंट सबंधी समस्या उठा सकती है। नेगी ने कहा कि सांसद, मंत्रियों को भी इसके लिए सकारात्मक सोच के साथ आगे आना चाहिए और जनता के सुझाव स्वयं भी रक्षा मंत्रालय तक पहुंचने चाहिए।
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