दुग्ध उत्पादकों की बैठक में वक्ताओं ने कुछ माह पूर्व अल्मोड़ा में प्रदर्शन करने पर दुग्ध उत्पादकों पर मुकदमा दर्ज किए जाने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि समस्याओं को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने पर दुग्ध उत्पादकों पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ ने दुग्ध उत्पादक विरोधी नीतियां जारी रखी तो दुग्ध उत्पादक फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
उन्होंने कहा कि 12 जनवरी 2015 को विभिन्न मांगों को लेकर दुग्ध उत्पादकों ने चौघानपाटा में चक्काजाम किया था। 16 जनवरी को जिलाधिकारी से वार्ता हुई।
इसके बाद जिलाधिकारी ने पुलिस को किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं किए जाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी मुकदमे दर्ज कर दिए गए।
उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ प्रशासन ने न तो दुग्ध क्रय मूल्य में बढ़ोतरी की और न ही समय से दुग्ध मूल्य भुगतान का अपना वायदा पूरा किया।
मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा प्रवास के दौरान अल्मोड़ा दुग्ध संघ को 50 लाख देने की घोषणा की लेकिन अब तक यह राशि नहीं मिली है।
बैठक में आनंद सिंह बिष्ट, ब्रह्मानंद डालाकोटी, शिवराज बनौला, मोहन जोशी, विपिन चंद्र, शंकर दत्त, पूरन सिंह, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।