अल्मोड़ा। पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति की सोमवार को नंदादेवी मंदिर में बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने डोर स्टेप योजना का विरोध किया। जिलाध्यक्ष संजय साह रिक्खू ने कहा कि शासन की ओर से एनएफएसए के लाभांश के भुगतान के लिए पत्र जारी कर विक्रेताओं को गुमराह किया जा रहा है। उन्हें अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। चेतावनी दी कि यदि इस माह के अंत तक भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि कुछ विक्रेताओं को अल्मोड़ा गोदाम से हटाकर दूसरे गोदाम से संबद्ध कर दिया गया है जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि डोर स्टेप योजना के तहत ठेकेदार की ओर से खाद्यान्न सिर्फ सड़क तक ही पहुंचाया जा रहा है जबकि खाद्यान्न दुकान तक पहुंचाने की व्यवस्था होनी चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो वे खाद्यान्न का उठान बंद कर देंगे। कोरोनाकाल में नि:शुल्क वितरित की गई दाल का अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है।
उन्होंने 22 मार्च को संसद घेराव का समर्थन किया। बताया कि संसद घेराव में जाने के इच्छुक विक्रेता अपने संसाधनों से प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। बैठक में महामंत्री केसर खनी, संयोजक अभय साह, प्रदेश अध्यक्ष मनोज वर्मा, दिनेश गोयल, हीरा सिंह, विशन सिंह, भूपेंद्र सिंह, सुरेश सिंह, दिनेश जोशी, चंदन सिंह, देवेंद्र चौहान, नारायण सिंह, भीमा पवार, पूरन सिंह कार्की आदि मौजूद रहे।