अल्मोड़ा में आयोजित दीपोत्सव में मौजूद प्रेरणा समिति की महिलाएं। संवाद
अल्मोड़ा। हस्तशिल्प सेवा केंद्र की ओर से चौघानपाटा में चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान शिल्पियों को कई योजनाओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि स्थानीय उत्पादों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। महिलाएं इससे जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
बुधवार को हुए कार्यक्रम में महिला सहायक निदेशक नंदी बिष्ट ने अंबेडकर हस्तशिल्प विकास योजना, विपणन कार्यक्रम, पेंशन योजना, टूलकिट, राष्ट्रीय पुरस्कार योजना, बीमा योजना, मुद्रा लोन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। जिले की महिलाएं जूट से बैग और बिच्छू घास के रेशों से कई सजावटी सामान तैयार कर रही हैं। इसे विस्तार देने की जरूरत है।
महिला प्रेरणा उत्थान समिति की रेखा आर्या ने कहा कि संस्था से जुड़ी 400 से अधिक महिलाएं कई उत्पाद तैयार कर स्वरोजगार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों से महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की तरफ कदम बढ़ा सकती हैं। समिति की तरफ से दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान संस्था ने गोद लिए टीबी मरीजों को पोषाहार किट बांटे। वहां कनिष्क सिसोदिया, सुमित, विवेक, भाष्कर साह सहित कई लोग मौजूद रहे। संवाद