अल्मोड़ा। बांट-माप विभाग को इस बार राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य पिछले वर्ष से दोगुना मिला है जबकि यहां व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर घटतौली पकड़ने के लिए एक भी अधिकारी तैनात नहीं हैं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों के बिना घटतौली रोक राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य पाना विभाग के लिए चुनौती बना है।
जिले में बांट-माप विभाग में 2,500 दुकानें पंजीकृत हैं जिनसे उसे यह लक्ष्य हासिल करना है जबकि एनटीडी स्थित विभागीय कार्यालय कर्मियों की कमी से जूझ रहा है। इसके बावजूद बांट-माप विभाग को पिछले वर्ष आठ लाख रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य मिला था। इसके पूरा होने पर इस बार इसे सोलह लाख रुपये किया गया है।
यहां वरिष्ठ निरीक्षक और निरीक्षक जैसे जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती ही नहीं है। महज एक प्रयोगशाला परिचर तैनात हैं और पिथौरागढ़ जिले के वरिष्ठ निरीक्षक को यहां का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। इन हालात में विभाग के लिए हर पंजीकृत दुकान तक पहुंचकर घटतौली रोकना और राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य हासिल करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
वरिष्ठ निरीक्षक और निरीक्षक का पद चार साल से खाली
अल्मोड़ा। बांट-माप विभाग में तैनात वरिष्ठ निरीक्षक और निरीक्षक ही दुकानों का निरीक्षण कर घटतौली में अंकुश लगा सकते हैं लेकिन जिले में यह दोनों पद चार साल से खाली हैं। ऐसे में बगैर कर्मियों के एनटीडी स्थित विभाग का कार्यालय वीरान है और लोग घटतौली का शिकार होकर अपनी जेब ढीली कर रहे हैं।
दो साल में महज 800 दुकानों तक पहुंच
अल्मोड़ा। कर्मियों की कमी से जूझ रहा बांट-माप विभाग दो साल में महज 800 दुकानों में ही निरीक्षण करने पहुंच सका है। इन दुकानों में निरीक्षण के बाद घटतौली सामने आने पर 245 व्यापारियों का चालान किया गया। इससे साफ है कि जिले में लोग घटतौली का शिकार हो रहे हैं। यदि विभाग के पास पर्याप्त कर्मी होते और सभी दुकानों का निरीक्षण होता तो घटतौली के और भी मामले सामने आ सकते थे।
इस वर्ष राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य दो गुना किया गया है। कर्मियों की कमी से इसमें दिक्कत होगी। खाली पदों पर नियुक्ति शासन से ही संभव है। - आनंद सिंह रावत, वरिष्ठ निरीक्षक, बांट- माप विभाग, अल्मोड़ा।