गरुड़ (बागेश्वर)। लौबांज न्याय पंचायत के ग्रामीण तेंदुए के आतंक से भयभीत हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग को ज्ञापन भेजकर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। लौबांज, कौसानी, मथुरों, दुदिला, अमोली, कटारमल, धैना, भेंटा, रतमटिया, कौलाग के ग्रामीणों ने प्रभागीय वनाधिकारी को भेजे ज्ञापन में कहा है कि ग्रामीण तेंदुए के आतंक से भयभीत हैं। तेंदुआ न्याय पंचायत के गांवों में दिन में भी दिखाई दे रहा है। ज्येष्ठ प्रमुख बहादुर कोरंगा ने बताया कि तेंदुआ न्याय पंचायत के गांवों में एक महीने के अंदर चार पालतू जानवरों को अपना शिकार बना चुका है। उन्होंने बताया कि तेंदुए के आतंक के संबंध में वन रेंजर बैजनाथ को कई बार अवगत करा दिया है। वन रेंजर ग्रामीणों की जायज मांग के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। रतमटिया के सामाजिक कार्यकर्ता मनोज बिष्ट, भोजगढ़ के करन सजवाण ने वन विभाग से लौबांज न्याय पंचायत के गांवों में पिंजरा लगाने की मांग की है।