रानीखेत (अल्मोड़ा)। चमड़खान के नौगांव फयाटनौला में युवक को निवाला बनाने वाला तेंदुआ एक हफ्ते बाद भी पिंजरे में कैद नहीं हो सका है। वन विभाग को अभी भी तेंदुए के आदमखोर घोषित होने का इंतजार है। कैमरा ट्रैप और ड्रोन के माध्यम से तेंदुए की मूवमेंट पता करने के प्रयास चल रहे हैं। गांव में अभी भी तेंदुए की दहशत है।
एक मई देर शाम तेंदुए ने फयाटनौला में गांव के युवक मार डाला था। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने गांव में डेरा डाला है। वहां दो पिंजरे लगाए जाने के बाद भी वह पकड़ में नहीं आया है। घटना स्थल के पास लगाए गए कैमरा ट्रैप में भी कोई गतिविधि कैद नहीं हो सकी है। विभाग की टीम ड्रोन उड़ाकर भी तेंदुए का पता लगाने का प्रयास करी रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि घटना के बाद गांव में लोगों की हलचल बढ़ने के कारण तेंदुआ इलाका छोड़कर अन्यत्र चला गया है। वन क्षेत्राधिकारी तापस मिश्रा ने गांव के निचले हिस्से मवड़ा में तेंदुए की मूवमेंट ग्रामीणों ने देखी है। फिलहाल तेंदुए के आदमखोर घोषित होने का इंतजार है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।