रानीखेत (अल्मोड़ा)। क्षेत्र में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिलोर घाटी के सिंगोली में शुक्रवार की देर शाम तेंदुए ने एक पूर्व सैनिक पर हमला बोल उन्हें बुरी तरह से लहूलुहान कर दिया। उनका सैनिक अस्पताल में उपचार चल रहा है। इधर, सूचना के बाद शनिवार को वन विभाग ने गांव में पिंजरा लगा दिया है और अलग अलग टीमें बनाकर वहां गश्त भी शुरू कर दी है।
सिंगोली में पूर्व सैनिक गोविंद सिंह परमार सावन की कथा सुनकर जब देर शाम घर लौट रहे थे, उन पर तेंदुए ने हमला बोल दिया। उन्होंने तेंदुए से संघर्ष भी किया, जिस कारण तेंदुआ वहां से भाग निकला। होल हल्ला सुनकर ग्रामीण गोविंद सिंह को राजकीय चिकित्सालय ले गए, जहां उनके सिर पर कई टांके आए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता ललित जोशी ने बताया कि गांव में तीन से चार तेंदुए सक्रिय हैं। ग्रामप्रधान महेंद्र डोगरा ने बताया कि घायल को तत्काल सैन्य अस्पताल ले जाया गया। जहां उनका उपचार चल रहा है। जिला पंचायत सदस्य शोभा रौतेला ने भी तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
-क्षेत्र में तेंदुए ने खासा आतंक मचाया हुआ है। कई बार वह लोगों पर झटपने का प्रयास कर चुका है, लेकिन वन विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।-योगेश जोशी, विश्वा सिंगोली
-तेंदुए के आतंक से ना तो हम लोग बच्चों को अकेले बाहर भेज पा रहे हैं और ना ही महिलाएं अकेले खेतों में जा पा रही हैं। वन विभाग यहां पिंजड़ा लगाए और तेंदुए को पकड़े।-कृपाल राम, बग्वाली।
-तेंदुआ कई बार झपटने का प्रयास कर चुका है, शनिवार को पूर्व सैनिक को अकेला पाकर वह उन पर झपट गया। जैसे तैसे जान बची है। ग्रामीणों में बेहद भय व्याप्त है।-हरीश चंद्र बग्वाली।
कोट
-सिंगोली गांव में पिंजरा लगा दिया गया है। वन विभाग की टीम बनाकर नियमित गश्त के आदेश दे दिए हैं। इसके अलावा मोहान और अल्मोड़ा से एक और अलग टीम भेजी गई है। ड्रोन की व्यवस्था भी की गई है।-महातिम यादव, डीएफओ अल्मोड़ा।
तेंदुए ने महिलाओं पर किया झपटने का प्रयास
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। मल्ली मिरई के भौंरा में तेंदुए के आतंक से ग्रामीण भयभीत हैं। शनिवार को खेतों में घास काट रही महिलाएं तेंदुए के हमले से बाल-बाल बचीं। ग्रामीणों ने रेंजर को ज्ञापन भेज तेंदुए को पकड़ने की मांग उठाई है। वहां पर सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह रावत, वन पंचायत सरपंच गंगा देवी, प्रधान मल्ली मिरई रेखा गोस्वामी, सामाजिक कार्यकर्ता नारायण रावत, देव सिंह रावत, लक्ष्मण सिंह, दीवान सिंह, सुरेंद्र सिंह रावत, प्रताप गिरी गोस्वामी आदि थे।