चौखुटिया (अल्मोड़ा)। सिगनल कोर में तैनात ग्राम पंचायत मेहलचौरा निवासी सूबेदार ललित सिंह भंडारी (41) का महाकालेश्वर श्मशान घाट पर बृहस्पतिवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। रानीखेत से आई कुमाऊं रेजीमेंट की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम विदाई दी। सूबेदार ललित का शव 31 अक्तूबर को अंबाला से करीब एक किमी आगे रेल की पटरी के पास बरामद हुआ था। वह तैनाती स्थल जालंधर से छुट्टी लेकर घर के लिए रवाना हुए थे।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार सेना में ललित भंडारी जालंधर में तैनात थे। वह 31 अक्तूबर को अवकाश पर घर आ रहे थे। ट्रेन के काठगोदाम स्टेशन पहुंचने पर रेलवे कर्मियों को उनका बैग सीट पर मिला तो घर वालों को फोन से सूचना दी गई। इधर, अंबाला से करीब एक किमी दूर रेल पटरी के निकट उनका शव पड़े होने की जानकारी सेना से घर वालों को दी गई। सेना के जवान उनका शव लेकर बृहस्पतिवार की सुबह गांव पहुंचे।
कुमाऊं रेजीमेंट रानीखेत के जेसीओ दिनेश कुमार राणा के नेतृत्व में सेना के फूलों से सजे वाहन में तिरंगे पर लिपटे उनके पार्थिव शरीर को गांव लाया गया। महाकालेश्वर श्मशान घाट पर सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सूबेदार ललित के भाई खीम सिंह और 13 वर्षीय बेटे हर्ष ने चिता को मुखाग्नि दी। उनकी पत्नी सुनीता, माता-पिता और अन्य परिजन सदमे में हैं।
परिजनों ने लूट की आशंका जताई
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। सूबेदार के परिजनों ने बताया कि उनका पूरा सामान तो मिल गया है लेकिन जिस बैग में उनका एटीएम कार्ड, पेनकार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज थे। वह गायब है। इस आधार पर आशंका व्यक्त की जा रही है कि वह लूट का शिकार हुए होंगे और लुटेरों के साथ छीनाझपटी में ट्रेन गिरकर हादसे का शिकार हो गए होंगे। संवाद
सूबेदार ललित भंडारी के निवास पर उनके अंतिम दर्शन को उमड़े लोग। संवाद- फोटो : ALMORA