कालू सय्यद बाबा की मजार पर चादर चढ़ाने से पूर्व किन्नरों ने जाम मस्जिद के समीपवर्ती निवास पर कव्वालियों का आयोजन किया। इसके बाद शाम को पूरी बाजार में चादर घुमाई और बाबा की मजार पर चढ़ाई।
किन्नरों की माई अनीता का कहना है कि वह हर धर्म, जाति के लोगों सेे समान व्यावहार रखती हैं। मलंग और साधु-संतों से ज्ञान लेती हैं।