द्वाराहाट के धन्यारी में झोड़े-चांचरी की धूम मची है।
द्वारहाट (अल्मोड़ा)। क्षेत्र के धन्यारी गांव में झोड़ा-चांचरी की धूम रही। महिलाओं ने इन पारंपरिक गीतों का गायन किया। क्षेत्र में मकर संक्रांति से 15 अप्रैल को प्रस्तावित स्याल्दे के बिखोती मेले तक झोड़ा-चांचरी गायन की है परंपरा है। इसे बखूबी निभाया जा रहा है।
क्षेत्र के गांवों में मकर संक्रांति से 15 अप्रैल को आयोजित होने वाले स्याल्दे के बिखोती मेले तक झोड़ा-चांचरी गायन की है परंपरा है। यहां के वि़भिन्न गांवों में इन दिनों झोड़ा-चांचरी का गायन किया जा रहा है। क्षेत्र के धन्यारी गांव में महिलाओं ने बुधवार को भी सामूहिक रूप से इन पारंपरिक गीतों का गायन किया। इनमें से मुख्य झोड़े के बोल थे खोल दे माता खोल भवानी धार मा केवाड़ा।
इसमें पहाड़ा का दाज्यू न पियो शराबा लाल लाल थैली नाम गुलाबा गाकर शराब के बढ़ते प्रचलन पर कटाक्ष किया गया। ग्राम प्रधान प्रकाश अधिकारी के सहयोग से गांव में यह आयोजन हुआ। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख दीपक किरौला, कांग्रेस जिलाध्यक्ष नारायण रावत, कमल साह, दीपक बिष्ट सहित कई लोग मौजूद रहे। गांव, शहर के कई लोग मेले की तैयारी में जुटे हैं। दर्शकों को भी मेले का इंतजार है। इसके लिए कई प्रवासी भी गांव लौट रहे हैं।