अल्मोड़ा। सल्ट विकासखंड के झीपा गांव की बेटी भावना ने अभावों में सफलता का मुकाम हासिल कर अन्य बेटियों के प्रेरणा बनने का काम किया है। पिता टिन का खोखा चलाते हुए परिवार का पालन कर रहे हैं। मां पशुपालन से इस काम में उनका हाथ बंटा रही हैं। निर्धन परिवार की बेटी ने अपनी मेहनत के दम पर जिले के साथ ही प्रदेश में परिवार का नाम रोशन किया है।
जीआईसी झीपा की भावना ने संघर्षों से मुकाबला कर इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में 93.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में 20वीं रैंक प्राप्त की है। भावना के पिता महेश चंद्र भारद्वाज खोखे में उपकरणों की रिपेयरिंग कर आजीविका चलाते हैं। दो वक्त की रोटी का भी बमुश्किल जुगाड़ होता है। ऐसे में उनकी बेटी ने अभावों को दरकिनार कर अपने पिता के सपने को साकार किया है। भावना ने कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं होतीं।
वह मेडिकल के क्षेत्र में जाकर सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगी। जिले के मलाण गांव के किसान जसौद सिंह के पुत्र जीआईसी खेती के सुंदर सिंह ने कई अभावों से जूझते हुए इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में 21वां स्थान पाया है। उन्हें 465 अंक मिले हैं। उनके पिता खेती कर गुजर बसर करते हैं। सुंदर ने बताया कि वह प्रतिदिन छह से आठ घंटे पढ़ाई करते हैं।