स्याल्दे (अल्मोड़ा)। तामाढ़ौन रेंज कार्यालय में वन विभाग की ओर से एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के सरपंचों और वनकर्मियों ने भाग लिया। वन क्षेत्राधिकारी राकेश रत्नाकर ने उपस्थित लोगों को जंगलों में आग लगने से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वनाग्नि से न केवल वन संपदा और वन्यजीवों को क्षति पहुंचती है बल्कि पर्यावरण और मानव जीवन पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने पर भी चर्चा हुई। इस दौरान सरपंच संगठन अध्यक्ष पूरन भिरकनी सहित अन्य वनकर्मी और सरपंच उपस्थित रहे।