संजय नयाल
अल्मोड़ा। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए संचालित जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) बेरोजगारों की कसौटी पर खरा नहीं उतर पा रहा है। कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे विभाग के लिए लक्ष्य के सापेक्ष रोजगार के लिए ऋण देना चुनौती बना है। इसकी मार बेरोजगारों को सहनी पड़ रही है। केवल चार कर्मचारियों के भरोसे संचालित जिला उद्योग केंद्र वित्तीय वर्ष के पांच माह बाद भी लक्ष्य के सापेक्ष 20 प्रतिशत बेरोजगारों को ही ऋण उपलब्ध करा सका है।
नगर के धारानौला में स्थित जिला उद्योग केंद्र में कर्मचारियों के 27 पद स्वीकृत हैं। लेकिन यहां केवल चार कर्मचारी ही तैनात हैं और 23 पद सालों से रिक्त चल रहे हैं। इसका सीधा असर युवाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर पड़ रहा है। विभाग को इस वर्ष 1097 युवाओं को ऋण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है। इस वित्तीय वर्ष के पांच माह बीत गए हैं, लेकिन अब तक केवल 222 युवाओं को ही रोजगार के लिए ऋण मिल सका है। ऐसे में कर्मियों की कमी से जूझ रहे विभाग के लिए अगले सात माह में 875 युवाओं को ऋण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ने के साथ ही लक्ष्य हासिल करना किसी चुनौती से कम नहीं है। संवाद
कर्मियों की कमी से बीते वर्ष भी लक्ष्य रहा अधूरा
अल्मोड़ा। जिले के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए उद्योग केंद्र के माध्यम से एमएसवाई, पीएमजीपी और सीएम नैनो योजना संचालित हैं। बीते वर्ष 1382 युवाओं को ऋण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य था। लेकिन विभाग केवल 923 आवेदकों को ही रोजगार से जोड़ सका। संवाद
ये पद हैं रिक्त
अल्मोड़ा। प्रबंधक के दो, सहायक प्रबंधक के 11 पद, अपर सांख्यिकी अधिकारी, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, वैयक्तिक सहायक, ज्येष्ठ लेखा परीक्षक, सहायक लेखाकार, सहायक विकास अधिकारी प्रथम, सहायक विकास अधिकारी द्वितीय, प्रशासनिक अधिकारी, प्रधान सहायक, वरिष्ठ सहायक का पद खाली है।
कोट
सीमित संसाधन के साथ युवाओं को योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। निदेशालय स्तर से ही रिक्त पदों पर तैनाती संभव है।
- मीरा बोहरा, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, अल्मोड़ा।