अल्मोड़ा। जन मैत्री कल्पघाटी युवा समिति जोशीमठ की ओर से 'उन्नत कृषि उत्पादन तकनीकी से आय वृद्धि' विषय पर विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान हवालबाग में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। विशेषज्ञों ने कहा कि बेमौसमी सब्जी, मशरूम उत्पादन के साथ ही मौन पालन किसानों की आजीविका का बेहतर साधन और मुनाफे का सौदा बन सकता है। इसके लिए किसानों को आगे आना चाहिए।
संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत ने कहा कि संस्थान लगातार कृषि की नई तकनीक विकसित कर रहा है जिसका लाभ किसानों को मिलेगा। उन्होंने फल, पुष्प उत्पादन की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने किसानों को उनके क्षेत्रों में उत्पादित प्रमुख फसलों की उत्पादन तकनीकी, उनमें लगने वाले रोग और बचाव की जानकारी दी।
प्रशिक्षणार्थियों को फसलों में उपयोगी जैव उर्वरकों के साथ ही विभिन्न फसलों की मढ़ाई के लिए संस्थान की ओर से विकसित यंत्रों की भी जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र अल्मोड़ा के प्राध्यापक डॉ. आरपी सिंह ने उत्पादों की व्यापार योजना के बारे में बताया। कार्यक्रम में नाबार्ड अल्मोड़ा के जिला प्रबंधक गिरीश पंत, ग्रामीण व्यापार इनक्यूबेटर योगेश भट्ट आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. पंकज कुमार मिश्रा, बृजमोहन पांडेय और कुशाग्रा जोशी ने किया।