बहनों का कहना है कि जब उनके क्षेत्र में रोडवेज बस चलती ही नहीं तो मुफ्त यात्रा का लाभ कैसे मिलेगा। जिले के पर्वतीय रूटों पर रोडवेज बस का संचालन न होने से बहनें मुफ्त यात्रा के लाभ से वंचित रहेंगी। बहनों को भाई के घर जाने के लिए टैक्सी या फिर केमू की बस से सफर करना पड़ेगा। इसके लिए बहनों को किराया देना पड़ेगा।
सरकार ने रक्षा बंधन पर्व पर बुधवार की रात 12 बजे से 31 अगस्त की रात 12 बजे तक महिलाओं को प्रदेश के भीतर निशुल्क यात्रा का तोहफा दिया है। उत्तराखंड रोडवेज की जो बस यूपी से होकर आएंगी, वहां भी निशुल्क यात्रा रहेगी।
इसके लिए परिचालकों को ई-टिकट मशीन से शून्य राशि का टिकट जारी करने को कहा गया है। मैदानी रूटों पर बहनों को भले ही मुफ्त यात्रा का लाभ मिले लेकिन पर्वतीय रूटों पर बहनें इससे वंचित रहेंगी। दरअसल कई पर्वतीय रूटों पर रोडवेज की सेवाओं को संचालन नहीं होता है। इससे बहनों को सरकार की मुफ्त योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
इन पर्वतीय रूटों पर नहीं है रोडवेज बस सेवा
- लमगड़ा-बिरखम-जमाड़ मार्ग
- हल्द्वानी-शहरफाटक मार्ग
- अल्मोड़ा- सोमेश्वर मोटर मार्ग
- अल्मोड़ा- द्वाराहाट मोटर मार्ग
पर्वतीय क्षेत्र में रोडवेज बस सेवाएं नहीं होने से रक्षा बंधन पर रोडवेज बस में मुफ्त यात्रा का लाभ नहीं मिलेगा। पर्वतीय रूटों पर बसों का संचालन किया जाए।
- विमला देवी, सोमेश्वर
रोडवेज बस नहीं चलने से मुफ्त यात्रा का लाभ नहीं मिलेगा। किराया देकर भाई के घर जाना पड़ेगा। पर्वतीय रूटों पर भी बस संचालित की जाए।
- रेनू कबड़वाल कफड़ा
रोडवेज बस में महिलाएं मुफ्त यात्रा का लाभ ले सकती हैं। हमारी तैयारियां पूरी हैं। जिन रूटों पर बसें नहीं हैं वहां भी प्रयास किया जाएगा।
- राजेंद्र कुमार, सहायक महाप्रबंधक, अल्मोड़ा डिपो।