अल्मोड़ा। जिले में संचार क्रांति के इस युग में अब भी 100 से अधिक गांव बदहाल संचार सेवा से जूझ रहे हैं और यहां मोबाइल पर सिग्नल खोजने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। नेटवर्क की दिक्कत से 30 हजार से अधिक की आबादी परेशान है और लोग ऊंची पहाड़ी पर सिग्नल खोजते हैं।
जिले के बिनसर, चौखुटिया, स्याल्दे, भनौली, बगवाली पोखर, सोमेश्वर, ताकुला, सल्ट, द्वाराहाट के 100 से अधिक गांव में इंटरनेट तो दूर मोबाइल फोन की घंटी तक मुश्किल से सुनाई देती है।
सिग्नल नहीं आने से इन क्षेत्रों में 12 हजार से अधिक मोबाइल फोन शोपीस बने हैं। हालात यह हैं कि लोगों को ऊंचे स्थान पर पहुंचकर सिग्नल तलाशना पड़ता है तब जाकर वे अपनी कुशलता की खबर अपनों तक पहुंचा पाते हैं।
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पर्यटक और कारोबारी भी झेल रहे परेशानी
अल्मोड़ा। आम तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बीएसएनएल की संचार सेवा ही लोगों का सहारा है फिर भी कई जगह नेटवर्क नहीं मिलना परेशानी का सबब बन जाता है। बदहाल संचार सेवा से पर्यटक स्थल घूमने आने वाले सैलानी भी परेशान होते हैं।
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20 हजार से अधिक घट गए उपभोक्ता
अल्मोड़ा। जिले में एक दशक पूर्व तक बीएसएनएल उपभोक्ताओं की संख्या एक लाख से अधिक थी। देश में संचार क्रांति परवान चढ़ने के बाद भी इसके उपभोक्ताओं की संख्या में निरंतर कमी आती रही। नतीजतन वर्तमान में जिले में बीएसएनएल के 80 हजार उपभोक्ता रह गए हैं और 20 हजार उपभोक्ताओं ने इससे किनारा किया है।
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बीएसएनएल उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ाने और उन्हें बेहतर संचार सुविधा देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में लगे टॉवर को अपग्रेड कर रहा है। निश्चित तौर पर इसमें सफलता मिलेगी। - एमएस निर्खुपा, जीएम, प्रचालन क्षेत्र, बीएसएनएल, अल्मोड़ा।