कत्यूर रामलीला कमेटी भवन में बसंत पंचमी को होली गाते होल्यार
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गरुड़ (बागेश्वर)। कत्यूर रामलीला कमेटी की ओर से वसंत पंचमी पर रामलीला कमेटी भवन में होल्यारों ने बैठकी होली की शानदार प्रस्तुति दी।
वरिष्ठ होल्यार गोपाल दत्त पाठक ने काफी राग में ‘सबको मुबारक होली, फागुन मास ऋतु शुभ अलबेली’ गाकर गायन की शुरुआत की। संगीतकार अशोक रावत ने झिंझोटी राग में ‘चलत पवन ऋतु आई फागुन की’ गाकर समा बांध दिया। वरिष्ठ होल्यार पूरन गिरी गोस्वामी ने खम्माज राग में ‘मेरे उलझे नयन कैसे सुलझे’ गीत पेश कर सबको झूमने को मजबूर कर दिया। होल्यार लक्ष्मीदत्त पांडेय ने बागेश्री राग में ‘कान्हा पै तन मन वारूंगी’ गाया। होल्यार नीरज पंत ने बहार राग में ‘बीती अवधि सैया आवत नाहीं’ होली प्रस्तुत की। भगवत नेगी, कैलाश भट्ट ने भी राग आधारित होली का गायन किया।