गर्मी बढ़ते ही जिले के जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। जंगलों में आग लगने से वातारण में हर तरफ धुंध छाई हुई है। धुंध श्वास के मरीजों के साथ ही लोगों की आंखों में भी तकलीफ बढ़ा रही है। जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. एसपी त्रिपाठी ने बताया कि धुंध के कारण आंखों में एलर्जी के मरीज बढ़ रहे हैं। जिस वजह से आंखों में जलन, लालिमा, आंखों से पानी आने की शिकायत लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। हर दिन 10-15 मरीज धुंध के कारण एलर्जी की समस्या लेकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं ।
जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन डॉ. चंद्र मोहन भैसोड़ा ने बताया कि वातावरण में मौजूद धुंध श्वास के मरीजों की तकलीफ बढ़ा रही है। अस्पताल में रोजाना करीबन 30 मरीज पहुंच रहे हैं। डॉ. भैंसोड़ा के अनुसार वातावरण में फैली धुंध बच्चों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है। बच्चों में भी श्वास समस्या बढ़ा सकती है।
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Iबचाव के तरीकेI
Iधुंध से बचने के लिए मास्क और चश्मा पहनें, आंखों को ठंडे पानी से धोएं, बार बार हाथों को आंखों पर न लगाएं, धुंध से बचें और तकलीफ अधिक होने पर चिकित्सक की सलाह लें।I