अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस) के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र हवालबाग में पर्वतीय क्षेत्रों में संकर मक्का की उन्नत उत्पादन तकनीक और इसके बीजोत्पादन विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण प्रोटीन वाले मक्का (क्यूपीएम) की खेती किसानों की आय का बेहतर जरिया बन सकती है।
उन्होंने बताया कि क्यूपीएम का जैविक मूल्य दूध के बराबर है जिसकी मांग भी बेहद अधिक है। ऐसे में किसानों को अपने आहार में संतुलित पोषण के साथ ही अपनी आय बढ़ाने के लिए इसकी खेती करनी चाहिए। प्रधान वैज्ञानिक और प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. आरके खुल्बे, फसल सुधार प्रभाग विभागाध्यक्ष डॉ. एनके हेडाऊ ने किसानों को क्यूपीएम की जानकारी देकर इसकी खेती के लिए जागरूक किया।
वैज्ञानिक और प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. देवेंद्र शर्मा ने पोषण सुरक्षा और इसके मूल्यवर्धन में मक्का की भूमिका बताई। डॉ. जीएस बिष्ट, एमसी पंत ने मक्का संकर बीज उत्पादन में कीट प्रबंधन के उपाय बताए। निधि कुमारी ने मक्के के लड्डू और नमकीन बनाने के तरीके बताए। प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। बागेेश्वर जिले के तुपेड़, खुलदौड़ी, शामा, लीती, भटनीकोट, भनार क्षेत्र की महिला किसानों ने भाग लिया। डॉ. देवेंद्र शर्मा, आरके खुल्बे, आरएस पाल ने संचालन किया।