करीब छह महीने से बारिश नहीं होने से जल स्तर तेजी से घटने लगा है, खेती चौपट हो गई है,वहीं अब इसका प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। मौसम में हो रहे परिवर्तन के चलते अस्पतालों में पहुंच रहे रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल आ रहे अधिकांश लोग वायरल बुखार से पीड़ित हैं। उपचार कराने के बाद भी कई लोग हफ्ते भर बाद ही फिर से बुखार, जुकाम से ग्रसित हो रहे हैं।
जिला अस्पताल में शुक्रवार को करीब 230 रोगियों ने पंजीकरण करवाया। इनमें से अधिकांश रोगी वायरल से पीड़ित थे। हर दिन दूर दराज से भी काफी रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल पहुंचे कई लोगों ने बताया कि उपचार कराने के एक सप्ताह बाद ही फिर से बुखार और जुकाम ने जकड़ लिया।
अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. केसी भट्ट ने बताया कि मौसम का स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। लंबे समय से बारिश नहीं होने और अचानक गर्मी और फिर ठंड से भी शरीर प्रभावित हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में अस्पताल आने वाले अधिकांश रोगी वायरल फीवर की चपेट में हैं। उन्होंने वायरल से बचने के लिए अधिक मात्रा में उबला पानी पीने, कागजी का सेवन, घर पर अदरक का बना काढ़ा पीने, शरीर को पूरी तरह ढक कर रखने, जुकाम होने पर भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने और आराम करने की सलाह दी है। डा. भट्ट ने बगैर डाक्टर की सलाह के दवाएं नहीं लेने की भी हिदायत दी है।