अल्मोड़ा के मल्ला ओड़खोला मे तिरछा पड़ा पोल।। संवाद
अल्मोड़ा। जिले में गर्मी बढ़ते ही बिजली की खपत 20 फीसदी तक घट गई है, जिससे ऊर्जा निगम ने राहत महसूस की है। खपत कम होने से गर्मी में लोगों को भी राहत मिलेगी और उन्हें बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। यूपीसीएल के आंकड़ों के मुताबिक बीते वर्ष दिसंबर में यहां बिजली की खपत 7.21 मिलियन यूनिट थी जो अब घटकर 5.12 यूनिट पहुंच गई है। यूपीसीएल से मिले आंकड़ों के मुताबिक बीते दिसंबर में जिले में बिजली की खपत 7.21 मिलियन यूनिट थी। गर्मी के साथ ही इसकी खपत कम हो गई है। इस वर्ष जनवरी में बिजली की खपत 7.72, फरवरी में 5.71 और मार्च में 5.39 मिलियन यूनिट दर्ज की गई। अप्रैल में खपत घटकर 5.12 मिलियन यूनिट पहुंच गई है। यूपीसीएल के ईई कन्हैया जी मिश्रा ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में जाड़ों में ब्लोअर, हीटर के प्रयोग से खपत बढ़ती है। गर्मी में इनका प्रयोग बंद हो जाता है।
सात पुराने ट्रासंफार्मर बदले गए
अल्मोड़ा। खपत कम होते ही यूपीसीएल ने पुराने ट्रासंफार्मर बदलने का काम शुरू किया है। जिले में अब तक धारानौला, चौघानपाटा, आरके धाम, लोनिवि कार्यालय के समीप सात ट्रांसफार्मर बदले गए हैं। यूपीसीएल के मुताबिक जल्द पुराने तीन ट्रांसफार्मर को बदलकर उनके स्थान पर अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
झुके पोल बन सकते हैं दुर्घटना का कारण
अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय की सड़कों के किनारे झुके पोल दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। माल रोड, जीआईसी मार्ग, एसएसजे कैंपस मार्ग, जोशीखोला सहित कई स्थानों पर बिजली के पोल जर्जर होकर झुक गए हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ये कभी भी गिरकर किसी दुर्घटना को अंजाम दे सकते हैं। बावजूद इसके इन खंभों को बदलने का काम नहीं किया जा रहा है।
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कोट-गर्मी में बिजली की खपत कम हो गई है। ऐसे में लोगों को बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। जर्जर खंभों को बदलने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
कन्हैया जी मिश्रा, ईई, यूपीसीएल, अल्मोड़ा।
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