अल्मोड़ा। पहले से ही विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहे मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की मुश्किल बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज में तैनात आठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की संबद्धीकरण अवधि खत्म होने से उन्होंने स्वास्थ्य विभाग का रुख किया है। इससे कॉलेज प्रबंधन के साथ ही मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है।
चिकित्सकों का संबद्धीकरण खत्म होने से यहां अल्ट्रासाउंड ठप हो गए हैं। मरीजों को आंख, नाक, कान, गले का उपचार मिलना बंद हो गया है। चिकित्सकों के कक्ष में ताले लटक गए हैं और मरीजों को मायूस होकर अन्य अस्पतालों में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए एक साल पूर्व रेडियोलॉजिस्ट, ईएनटी, आई सर्जन, पैथोलॉजी लैब प्रभारी सहित आठ चिकित्सकों को स्वास्थ्य विभाग से यहां संबद्ध किया गया। सोमवार को एक साल पूरा होते ही सभी चिकित्सकों का संबद्धीकरण खत्म हो गया है। कॉलेज प्रबंधन को मजबूर होकर उन्हें रिलीव करना पड़ा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड, नाक, कान, गला, आंख का उपचार मिलना ठप हो गया है। सोमवार को दूर-दराज से मरीज अल्ट्रासाउंड सहित अन्य बीमारी के उपचार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां चिकित्सकों के कक्ष में ताले लटकने से उन्हें मायूस लौटना पड़ा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैंसोड़ा ने कहा कि चिकित्सकों का संबद्धीकरण खत्म होने से यह दिक्कत आई है। सीएमओ से वार्ता हुई है। उम्मीद है जल्द सभी चिकित्सक मेडिकल कॉलेज लौटेंगे।
-
जिला अस्पताल के बाल और चर्म रोग विशेषज्ञ अवकाश पर
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में बाल और चर्म रोग विशेषज्ञ के अवकाश पर रहने से मरीजों परेशानी हो रही है। सोमवार को जिला अस्पताल में बाल, चर्म रोग विशेषज्ञों के कक्ष में ताले लटके रहे। चिकित्सकों के अवकाश पर रहने से मरीजों को अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ा। पीएमएस डॉ. पीके सिन्हा ने कहा कि जिला अस्पताल में कुछ डॉक्टर अवकाश पर हैं। अवकाश पर गए डॉक्टर एक हफ्ते बाद ड्यूटी पर लौट आएंगे। इसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।
बेस अस्पताल में बनने लगी सुरक्षा दीवार
अल्मोड़ा। बीते दिनों हुई भारी बारिश के बाद बेस अस्पताल के आवासीय भवन की सुरक्षा दीवार ढहने से खतरा हो गया है। 52 भवनों को खाली कर 80 से अधिक चिकित्सकों को अन्य भवनों में शिफ्ट करना पड़ा। मामले की गंभीरता को समझते हुए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू कर दिया है। सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू होते ही चिकित्सक अपने भवनों में लौट आए हैं।