रानीखेत (अल्मोड़ा)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अभिविन्यास कार्यक्रम तीसरे दिन भी जारी रहा। डॉ. दीपक उप्रेती ने आधुनिक शिक्षा को वर्तमान समय की जरूरत बताया, कहा कि रोजगार के लिए भी यह शिक्षा बेहद जरूरी बन गई है। कहा कि परंपरागत शिक्षा का महत्व अब कम हो रहा है। डॉ. वाईके शर्मा ने सीएएस के बारे में विचार रखे। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसे जून 2019 में ही लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि जो प्राध्यापक नेट सेट किए हुए हैं, उन्हें पीएचडी करना जरूरी है। उन्होंने कॅरियर एडवांस स्कीम की जानकारी दी। डॉ. माया शुक्ला ने मूल्यगत नैतिक शिक्षा पर विचार रखे। उन्होंने नैतिक शिक्षा के ऐतिहासिक और उपनिवेशककाल पर भी चर्चा की।