रानीखेत (अल्मोड़ा)। गर्मी बढ़ने के साथ ही ताड़ीखेत विकासखंड में पानी के लिए त्राहि-त्राहि शुरू हो गई है। पेयजल किल्लत से 25 से अधिक गांवों की आठ हजार से अधिक की आबादी परेशान है।
एडी-रूमा पेयजल योजना और ताड़ीखेत-गगास योजना की लाइनों में जगह-जगह पानी लीकेज हो रहा है। इससे पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। इस कारण ताड़ीखेत मुख्य बाजार सहित सिमोली, पथुली, थकुलाड़ी, गैरड़, पपना, डौरब, टूनाकोट, बजीना समेत 25 गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। कई गांवों में एक दिन छोड़कर पानी आपूर्ति हो रही है तो कहीं दस मिनट ही पानी मिल रहा है। कभी तो पानी ही नहीं आ रहा है। इससे पेयजल किल्लत लगातार बढ़ रही है। लोग पशुओं के लिए भी पानी का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों को दो से तीन किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोतों, नौलों से पानी ढोना पड़ रहा है। नौले पर भी सुबह से ही पानी के लिए लोगों की कतार लग रही है। इसके बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। संवाद
लोगों की पीड़ा
पेयजल संकट के चलते परेशानी झेलनी पड़ रही है। तपती धूप में पानी के लिए जल स्रोतों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पेयजल दिक्कत से निजात दिलाई जाए।
- मदन सिंह महरा, टूनाकोट
परिवार और मवेशियों के लिए पानी का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। विभाग को समस्या बताने के बाद भी समाधान नहीं हो पा रहा है।
- कृपाल सिंह, बजोली
बारिश नहीं होने कारण पेयजल स्रोतों में पानी सूख रहा है। जिस कारण योजना में पानी की आपूर्ति कम हो रही है। पेयजल लाइन के जर्जर पाइपों को बदला जाएगा।
- सुरेश ठाकुर, अधिशासी अभियंता जल संस्थान, चिलियानौला रानीखेत।