अल्मोड़ा। स्थानांतरण के विरोध में मेडिकल कॉलेज के 12 डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि उनके बांड की अवधि महज पांच माह बची है। इतने कम समय के लिए उन्हें पिथौरागढ़ भेजना गलत है। कहा कि वह किसी भी कीमत पर पिथौरागढ़ नहीं जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज परिसर में डॉक्टरों ने शुक्रवार को भी प्रदर्शन किया। बताया कि वह मेडिकल कॉलेज के अधीन सेवा दे रहे हैं। उनकी सेवाओं को एक वर्ष के लिए मेडिकल कॉलेज में बढ़ाया जाना था। उनके बांड की अवधि महज पांच माह बची है। ऐसे में इतने कम समय के लिए उनका स्थानांतरण करना गलत है जिसका हमेशा विरोध होगा। बताया कि वे किसी भी कीमत में स्थानांतरण के आदेश को नहीं मानेंगे। यह निर्णय वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
पूर्व दर्जा राज्यमंत्री बिट्टू कर्नाटक ने भी आंदोलन का समर्थन किया। बताया कि यहां से 12 डॉक्टरों का एक साथ स्थानांतरण करने से यहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा जाएंगी। पहले ही यह मेडिकल कॉलेज रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। ऐसे में डॉक्टर का स्थानांतरण होने से लोगों को फिर से मैदानी क्षेत्रों में जाना पड़ेगा। उन्होंने इस निर्णय को वापस लेने की मांग की। इस दौरान डॉ. चैनी खान, डॉ. गरिमा टम्टा, डॉ. हिमानी जलखानी, डॉ. कौशल पांडे, डॉ. मनोज वर्मा, डॉ. मो. बिलाल, डॉ. मुकेश शर्मा, डॉ. ओमप्रकाश फौजदार, डॉ. प्रियंका गोयल, डॉ. तारा सिंह आदि रहे।
मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड ठप, मरीज परेशान
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में नियमित रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से बांडधारी डॉ. विनीता आर्या मरीजों को राहत पहुंचा रहीं थीं। डॉ. गरिमा टम्टा नाक, कान, गले तो डॉ. ओमप्रकाश फौजदार बाल रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात हैं। इन सभी के कार्य बहिष्कार पर जाने से मरीजों की मुश्किल बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड ठप हैं। अब अन्य डॉक्टर रोगियों का उपचार कर किसी तरह यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। यहां अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को सात किमी दूर जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है।