तहसील मुख्यालय में जन समस्याएं सुनती जिलाधिकारी वंदना। संवाद
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। डीएम वंदना ने यहां तहसील मुख्यालय में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में पेयजल संबंधी समस्याएं छाईं रहीं। बिजली, स्वास्थ्य, वन विभाग से संबंधित समस्याओं को भी लोगों ने उठाया। पेयजल समस्या पर डीएम अधिक सख्त दिखीं। उन्होंने पेयजल विभाग के अधिकारियों के पेंच कसे। डीएम ने अधिकारियों को गांव का भ्रमण कर वहां जनसमस्याओं को जल्द सुलझाने के निर्देश दिए
तहसील भ्रमण के दूसरे दिन डीएम वंदना ने तहसील में जनसुनवाई के दौरान लोगों ने सड़क, बिजली, पानी, आवास, चिकित्सा, वन आदि विभागों से संबंधित समस्याएं रखीं। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों को अधिकारी गंभीरता से लें, नहीं तो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वीडीओ, वीपीडीओ ग्रामीणों के साथ नियमित खुली बैठकें करें। वहां ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत, नगर पालिका अध्यक्ष रानीखेत कल्पना देवी, छावनी परिषद के नामित सदस्य मोहन नेगी, व्यापार मंडल के महासचिव संदीप गोयल आदि रहे। बाद में डीएम राजकीय अस्पताल पहुंचीं। वहां उन्होंने कहा कि ट्रामा सेंटर और ट्रामा स्टाफ की शासन से अनुमति मिलने तक ट्रॉमा सेंटर के भवन को अन्य सेवाओं में लिया जाए। लेबर रूम को शिफ्ट करने का प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा। बाहर से दवाएं लिखने की शिकायत मिलने पर उन्होंने डॉक्टर को भी उन्होंने फटकार लगाई।
वूलन फैक्टरी का भी किया निरीक्षण
रानीखेत। डीएम वंदना ने केआरसी वूलन फैक्टरी का निरीक्षण कर कार्यरत महिलाओं से वार्ता की। इसके बाद उन्होंने रानीझील का निरीक्षण किया। यहां झील के विकास के लिए उन्होंने 15 दिन में प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा। इस दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट जयकिशन, जिला पर्यटन अधिकारी, अमित लोहनी, तहसीलदार मनीषा मारकाना आदि रहे।