अल्मोड़ा। डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन ने कहा कि वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण के दौर में चुनौतियों को समझते हुए डीएलएड प्रशिक्षित पूर्ण नियुक्ति के साथ न्यूनतम वेतन पर सेवा देने को तैयार हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पवन मुस्यूनी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते 16 मार्च को देहरादून में चल रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन को स्थगित किया गया था। कोरोना के चलते प्रदेश में रिवर्स पलायन हुआ है और लाखों उत्तराखंडी अपने घर वापस लौटे हैं। प्रवासियों के बच्चे भी यहां शिक्षा ग्रहण करेंगे। प्रदेश में पिछले तीन सालों से सेवानिवृत्ति के बाद 2500 से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हो गए हैं। ऐसे में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती करना जरुरी हो गया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के 13 डायटों से लगभग 500 प्रशिक्षित एनसीटीई मानकों के अनुसार दो साल का संस्थागत डीएलएड और टीटीई प्रथम परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। संगठन लगातार पलायन आयोग, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री समेत शिक्षा सचिव और निदेशक को ई-मेल से मांगों को लेकर पत्र भेज रहा है और सोशल मीडिया के जरिए भी लगातार मांगें सरकार के सम्मुख रखी जा रही हैं। यदि सरकार प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति करती है तो उससे पलायन रुकेगा और शिक्षकों की मांग पूरी होगी। साथ ही बच्चों का नामांकन भी बढ़ेगा। संगठन के सोशल मीडिया प्रभारी शैलेंद्र सिंह राणा, सहसचिव केवल प्रसाद, कोषाध्यक्ष प्रियंका शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में प्रशिक्षित डीएलएल प्रशिक्षित चुनौतियों को समझते हुए पूर्ण नियुक्ति के साथ न्यूनतम वेतन पर सेवा देने को तैयार है। जिससे प्रदेश को आर्थिक सहयोग के साथ ही शिक्षा में सुधार में भी मदद मिलेगी।