अल्मोड़ा में दैवीय आपदा का कार्य शुरू करने के लिए समय सीमा निर्धारित नहीं होने से सूपाकोट के ग्रामीणों का बृहस्पतिवार को आक्रोश फूट पड़ा। 40 किमी दूर से आकर ग्रामीणों ने नगर के चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। नारेबाजी कर विरोध जताया।
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि बीते साल आई दैवीय आपदा में सूपाकोट का प्राचीन नौला पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। उसका मलबा आसपास के मकानों में घुस गया। इससे लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। इस मामले में सिंचाई विभाग ने आगणन भी बनाया है, लेकिन उसमें अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आपदा में क्षतिग्रस्त प्राचीन नौले की मरम्मत और गधेरे के पानी की निकासी का कार्य शुरू करने की मांग की। उन्होंने दैवीय आपदा मामले में बरती गई हीलाहवाली और संवेदनहीनता की निंदा की। मामले को एक साल से लटकाए जाने के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की।
प्रशासन के उक्त कार्य के लिए समयसीमा निर्धारित नहीं होने पर 13 और 14 मई को क्रमिक अनशन का एलान किया। कहा कि इसके बाद भी कार्य आरंभ नहीं हुआ तो 15 मई से आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। धरने पर देवेंद्र उप्रेती, रमेश चंद्र पांडे, दीप चंद्र पांडे, मोहित पाठक, डीसी पांडे, धीरज पांडे आदि मौजूद रहे।