अल्मोड़ा। जिले में गर्मी के साथ ही डायरिया का प्रकोप भी बढ़ गया है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इसकी चपेट में आने लगे हैं। नौबत भर्ती करने की पहुंच रही है। जिला अस्पताल में इन दिनों हर रोज आठ से अधिक मरीज डायरिया की शिकायत के साथ पहुंच रहे हैं जिससे चिकित्सकों की चिंता भी बढ़ गई है।
मौसम में परिवर्तन होते ही जिले में संक्रामक रोग भी बढ़ने लगे हैं जिसमें डायरिया प्रमुख है। 10 दिन पूर्व तक इस रोग से ग्रसित इक्का-दुक्का लोग ही अस्पताल पहुंच रहे थे लेकिन अब हालात चिंताजनक बन गए हैं। जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक हर रोज आठ से अधिक मरीज डायरिया से जूझते हुए अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें से दो से तीन मरीजों को भर्ती करने की नौबत आ रही है जो चिंताजनक है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. हरीश आर्या ने बताया कि इसकी मुख्य वजह दूषित पानी है। गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी भी दूषित हो गया है जिससे यह रोग गंभीर रूप ले रहा है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
इनसेट
दूषित फल, सब्जी बढ़ा रही दिक्कत
अल्मोड़ा। चिकित्सकों के मुताबिक जिले में अधिकांश फल और सब्जी मैदानी क्षेत्रों से पहुंचती हैं। काफी दूरी से इनमें आने के कारण इनके दूषित होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर प्रयोग में लाने से इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। संवाद ==
डायरिया के लक्षण
पेट में ऐंठन होना, मितली और उल्टी, बुखार आना, भूख में कमी।
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डायरिया के बचाव अधिक से अधिक पानी पीएं।
दूषित खान-पान के प्रयोग से बचें।
फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करें।
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कोट
डायरिया जीवाणु और विषाणु जनित रोग है। इसमें शरीर में पानी की कमी हो जाती है। दूषित पानी, फल, सब्जी के प्रयोग से बचना चाहिए। सावधानी नहीं बरती को यह रोग गंभीर हो सकता है। - डॉ. हरीश आर्या, फिजीशियन, जिला अस्पताल अल्मोड़ा।