अल्मोड़ा। कुमाऊं की बेसहारा बालिकाओं के लिए अल्मोड़ा के बख गांव में बनाए गए उत्तर रक्षा गृह का दो साल बाद भी संचालन नहीं हो सका है। महिला सशक्तीकरण और बाल विकास मंत्री ने भवन का उद्घाटन कर इसे बड़ी उपलब्धि बताया था। इसके बावजूद यहां अब तक कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो सकी है। इसका संचालन न होने से बालिकाएं पुराने बदहाल भवन में रहने के लिए मजबूर हैं।
कुमाऊं मंडल के छह जिलों की बेसहारा बालिकाओं को बेहतर शिक्षा देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अल्मोड़ा के बख में किशोरी भवन का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में यहां 57 बालिकाएं रह रहीं हैं। जगह की कमी और पुराने किशोरी भवन से मुक्ति दिलाने के लिए इसके पास अक्तूबर 2021 में 4,23,92,000 रुपये से उत्तर रक्षा गृह का निर्माण किया गया था, जहां बालिकाओं को बेहतर सुविधाएं मिलनी थीं।
नवनिर्मित उत्तर रक्षा गृह का दिसंबर 2021 में महिला सशक्तीकरण और बाल विकास मंत्री रेखा आर्या इसका लोकार्पण भी कर चुकीं है लेकिन दो साल बाद भी इसका संचालन नहीं हो सका है। इस कारण बालिकाओं को बदहाल सुविधाओं के बीच पुराने किशोरी भवन में जीवन बिताना पड़ रहा है। इस मामले में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। संवाद
15 से अधिक कर्मचारियों की है जरूरत
अल्मोड़ा। उत्तर रक्षा गृह को संचालित करने के लिए 15 से अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता है। विभाग के मुताबिक शासन से अनुमति मिलने के बाद ही इनकी नियुक्ति संभव है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। अनुमति कब तक आएगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
किशोरी भवन और नारी निकेतन एक भवन में होंगे संचालित
अल्मोड़ा। बख में किशोरी भवन और नारी निकेतन अलग अलग संचालित होता है। उत्तर रक्षा भवन के रूप में इन दोनों को यहां एक साथ संचालित करने की योजना है। यह योजना अभी धरातल पर नहीं उतर सकी है।
कोट
कर्मचारियों की तैनाती के बाद ही उत्तर रक्षा गृह का संचालन संभव है, इसके लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। नारी निकेतन और किशोरी भवन को एक साथ संचालित किया जाना है। - राजीव नयन तिवारी, जिला परिवीक्षा अधिकारी, अल्मोड़ा।